Satna शहर के bharhut नगर में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के द्वारा 40 साल पुरानी लीज रद्द करने की कार्यवाही की वजह से रहने वाले वासी गुफा है और गहरा आक्रोश व्यक्त किए हैं। व्यावसायिक इस्तेमाल की वजह से नोटिस दिए जाने पर नाराज कॉलोनी वासी गुरुवार के दिन शाम को स्थानीय विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और शंभू चरण दुबे के नेतृत्व में सतना के कलेक्टर डॉक्टर सतीश कुमार एस से मिलने के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे और अपना कड़ा विरोधी दर्ज करवाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच बैठाने का काम शुरू कर दिया और संबंधित विभागों से भरहुत नगर योजना से जुड़े सभी मूल दस्तावेज की जांच की जाएगी।
कलेक्टर के द्वारा नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड से मांगे गए दस्तावेज
रहने वाले वासियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में कलेक्टर डॉक्टर सतीश कुमार एस ने प्रशासनिक अधिकारियों से जांच करने के लिए कहा है।
अधिकारियों से जवाब मांगा, कलेक्टर ने नगर निगम के कमिश्नर तथा डिप्टी कमिश्नर, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के प्रभारी कार्यपालक यंत्री (EE) अनुष्का जैन से भरहुत नगर कॉलोनी के निर्माण तथा लीज से संबंधित नियम और सभी दस्तावेज तुरंत पेश करने के लिए कहा गया है और इसके लिए ज्यादा समय भी नहीं दिया गया है।
जांच के बाद कार्यवाही करने का भरोसा दिया गया, कलेक्टर ने प्रतिनिधि मंडल को यह विश्वास दिया है कि पूरी फाइल की तकनीकी और कानूनी रूप से जांच की जाएगी और किसी भी नागरिक के साथ में अन्याय नहीं होगा और सभी को न्याय दिया जाएगा।
10000 लोगों की रोजी-रोटी का सवाल है, कार्यवाही की खबर फैलते ही कॉलोनी के प्रभावित लोगों के मन में गुस्सा है और घर-घर जाकर प्रदर्शन के लिए लोग इकट्ठा कर रहे हैं।
टैक्स और लाइसेंस पर कॉलोनी निवासियों ने कहा कि नगर निगम को कमर्शियल टैक्स लगातार देते हैं, व्यापार का लाइसेंस भी बना हुआ है और आखिर अचानक ऐसी कार्यवाही क्यों की गई है और इसी के फैसले में कलेक्टर से मुलाकात करने सभी पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने शिकायत किया कि 10000 से ज्यादा छोटे और बड़े व्यापारी रहते हैं और इस कार्यवाही से उनके जीवन यापन में परेशानी होगी और वह सभी बेरोजगार हो जाएंगे और इसी के लिए विधायक से मदद मांगने पहुंचे और फिर विधायक कलेक्टर से मुलाकात करने पहुंच गयें।
40 साल बाद लीज रद्द करने पर उठाए गए सवाल
मुलाकात के दौरान भरहुत नगर कि नागरिकों में हाउसिंग बोर्ड की एक तरफा कार्यवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
रहने वाले वासियों ने कहा कि 40 वर्षों से मिश्रित लैंड use के तहत विभिन्न व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियां संचालित हो रही थी और ऐसे में 40 साल बाद लीज निरस्त करना अच्छी बात नहीं है और इसकी अच्छे तरीके से जांच की जानी चाहिए।
कॉलोनी को फ्री होल्ड करने की मांग, नागरिकों ने मांग रखी है कि प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाए तथा पुरानी कॉलोनी को फ्री होल्ड करने का कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि भूमि के मालिक बिना किसी वजह के नोटिस और मानसिक परेशानी से टेंशन फ्री रह सकें।
मुलाकात के दौरान मौजूद रहे सभी अधिकारी
इस मौके पर सुहास त्रिपाठी, डॉ राकेश अग्रवाल, डॉक्टर अखिलेश सिंह, साधना कपूर, डॉ रेखा पांडे, डॉ अनुज पांडे और भी बहुत सारे प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे हैं और कलेक्टर को अपनी परेशानियां सुनाई है। कलेक्टर ने उच्च स्तरीय जांच बैठाने के लिए कहा है और हाउसिंग बोर्ड से जल्दी से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं और नागरिकों की परेशानी दूर करने का वादा किया है और कॉलोनी को फ्री होल्ड करने के लिए भी कहा है तो जैसे ही सभी जरूरी दस्तावेज नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड के द्वारा पेश किया जाएगा तो जांच करने के बाद बहुत जल्दी नागरिकों को अच्छी खबर दी जाएगी और उनकी परेशानियां दूर की जाएगी।

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