विंध्य क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक की शहर में से एक Satna में गुरुवार के दिन महिला सुरक्षा सम्मान और समानता का संदेश देने के लिए सड़क पर सैकड़ो महिलाओं के साथ में युवतियों ने जनसैलाब पदयात्रा पर उतर गए। हाथ में वूमेन सेफ्टी का बैनर लिए और अधिकार की आवाज लिए महिलाओं ने एक विशाल पदयात्रा निकाला और इसमें सैकड़ो युवतियों ने भाग लिया। इस दौरान युवतियों ने तीखे सवाल उठाते हुए मांग किया कि सार्वजनिक स्थान पर बाजार और सड़कों पर महिलाओं के लिए दिन हो या रात पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए और वह रात या दिन में कहीं भी जा सके उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए।
युवतियों के द्वारा भव्य पदयात्रा निकल गया और इसमें बहुत सारी लड़कियों ने भाग लिया और यह प्रेरणा देने वाली पदयात्रा है ,क्योंकि सतना जिले में बढ़ रहे क्राइम की वजह से महिलाएं रात में नहीं निकल सकती हैं।
गांधी प्रतिमा से भगत सिंह चौराहे तक किए पद यात्रा
आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारी के बारे में विस्तार पूर्वक जानते हैं।
पदयात्रा शहर के सिविल लाइन स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल से भव्य यात्रा शुरू हुई है तथा इसके बाद शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए धवारी चौराहा स्थित शहीद भगत सिंह प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर जनसभा को समाप्त कर दिया गया है और इस बीच महिलाओं ने वूमेन सेफ्टी को लेकर नारे लगाए तथा नेशन को सबसे पहले रखा जाए और वूमेन सेफ्टी पर भी ध्यान दिया जाए।
सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर किए गए सवाल, पदयात्रा में शामिल युवतियों ने सवाल उठाया कि आखिर सूरज ढलते ही महिलाओं को खुली जगह में जाने से क्यों मना किया जाता है और स्पष्ट रूप से महिलाएं रात में निर्भर होकर क्यों नहीं निकल सकती और पुरुष जितना उनको अधिकार क्यों नहीं दिया गया है और साथ में उन्होंने पुरुष के साथ समान अधिकार प्राप्त हो और उन्हें कहीं भी जाने के लिए रात में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए और सतना जिले में क्राइम काम किया जाए जिससे युवतियां सुरक्षित रह सके।
बुरा व्यवहार तथा छेड़छाड़ के खिलाफ है तुरंत उठाएं आवाज जनसभा में किया गया मांग
पदयात्रा के समापन में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थल पर एक विचार सभा का आयोजन किया गया है, जहां पर निम्न प्रकार से समाज से जिम्मेदारियां मांगीगई है।
पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि महिला सुरक्षा केवल महिलाओं या पुलिस प्रशासन का काम नहीं है ,बल्कि यह पूरे सतना निवासी तथा नागरिक समाज का एक साझेदारी हिस्सा है और इस जिम्मेदारी से निभाना चाहिए।
शुरुआत में ही करना चाहिए विरोध, प्रतिभागियों ने सभी महिलाओं तथा बालिकाओं से अपील की है , बुरे व्यवहार तथा स्कूल कॉलेज रास्तों में हो रहे छेड़छाड़ और मानसिक तथा शारीरिक उत्पीड़न के खिलाफ है शुरुआती स्तर पर ही निडर होकर कार्यवाही किया जाना चाहिए तथा आवाज उठाया जाना चाहिए और यह समाज का भी हिस्सा है कि वह भी विशेष तौर पर इन बातों पर ध्यान दें।
सभा में सभी अभिभावक से विशेष आग्रह किया गया है कि अपने बेटियों के साथ अच्छा व्यवहार करें और उनसे खुलकर बात करें तथा उनकी समस्याओं को अच्छे तरीके से सुने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर नजदीकी थाना से संपर्क करके शिकायत जरूर करें क्योंकि किसी भी बात को दबाना अच्छी बात नहीं होती है और इससे मानसिक संतुलन युवतियों का खराब होता है और वह डर-डर के दब कर रहती हैं।
सतना में बढ़ रहे क्राइम को देखते हुए यह प्रदर्शन किया गया है और पुलिस प्रशासन तथा सभी युवतियों के परिवारों से अनुरोध किया गया है कि अपनी बेटियों के साथ अच्छा व्यवहार करें तथा उनसे खुलकर बात करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसे दूर जरूर करें और हमेशा उनका ख्याल रखें और कोशिश करें कि कहीं भी जाती है तो उनके साथ में जाएं और हमेशा उनकी सुरक्षा करें तथा ध्यान रखें और उनसे अच्छा बर्ताव करें।
