Bihar Sub-Inspector Recruitment : बिहार से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और अहम खबर सामने आई है। राज्य में आयोजित की गई बिहार सब-इंस्पेक्टर भर्ती ( Bihar Sub-Inspector Recruitment ) की मुख्य लिखित परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। आयोग के इस फैसले से महीनों से आंदोलन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर इसे रद्द करने की मांग पर अड़े हुए थे।
कब हुई थी परीक्षा और क्या था पूरा मामला? : Bihar Sub-Inspector Recruitment
आपकी जानकारी के लिए बता दे की बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर ( Bihar Sub-Inspector Recruitment ) के कुल 1799 पदों को भरने के लिए इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की गई थी। इसके तहत मुख्य लिखित परीक्षा का आयोजन 27 मई को राज्य भर में दो अलग-अलग शिफ्ट में किया गया था।
परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद से ही अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और सड़कों पर उतरकर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। छात्रों का साफ कहना था कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली, अनियमितता और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियां हुई हैं। छात्र शुरू से ही इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर नई तारीख घोषित करने की मांग कर रहे थे।
बिहार पुलिस BPSSC की आधिकारिक सूचना : Bihar Sub-Inspector Recruitment
छात्रों के बढ़ते दबाव और जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ( BPSSC ) ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर परीक्षा रद्द करने का फरमान जारी किया।
आयोग ने अपनी जारी सूचना में प्रमुख बातें कही हैं:
- परीक्षा का रद्द होना : 27 मई को दो शिफ्ट में आयोजित की गई मुख्य लिखित परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया गया है।
- नई तारीख की घोषणा : परीक्षा की अगली तिथि के संबंध में सूचना जल्द ही अलग से जारी की जाएगी।
- आधिकारिक स्रोत पर भरोसा : अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को ही आधार बनाएं।
- अफवाहों और दलालों से दूरी : असामाजिक तत्वों या सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और फर्जी खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में पास कराने या सेट-अप का दावा करता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
सड़कों से लेकर अनशन तक: छात्रों का उग्र प्रदर्शन : Bihar Sub-Inspector Recruitment
सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द कराने के लिए राज्य के अभ्यर्थियों ने लंबा और संघर्षपूर्ण रास्ता तय किया। पटना की सड़कों पर छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच कई बार तीखी झड़पें भी देखने को मिलीं। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज कर दिया था।
15 सितंबर को छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास घेराव का बड़ा ऐलान कर रखा था। पटना के गर्दनीबाग समेत कई इलाकों में छात्र नेता और अभ्यर्थी अनशन पर बैठे हुए थे। परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही अभ्यर्थियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने इसे अपनी एकजुटता और निष्पक्षता की लड़ाई में एक बड़ी सफलता बताया है।
EOU की जांच और गड़बड़ी का खुलासा : Bihar Sub-Inspector Recruitment
परीक्षा में धांधली की शिकायतों के बाद इस पूरे मामले की विस्तृत जांच बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ( EOU ) को सौंपी गई थी। जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच एजेंसी EOU की रडार पर करीब 301 ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनके परीक्षा हॉल के बैठने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
परीक्षा के दिन पूर्णिया और गया जिले के केंद्रों से परीक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां और संदिग्ध गतिविधियां रिपोर्ट की गई थीं। EOU ने जांच को आगे बढ़ाते हुए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को औपचारिक नोटिस भेजा था और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी तकनीकी व प्रशासनिक बिंदुओं पर विस्तृत जवाब तलब किया था।
EOU की इसी जांच रिपोर्ट और छात्रों के बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए अंततः आयोग को 27 मई की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लेना पड़ा। अब लाखों अभ्यर्थियों की नजरें आयोग द्वारा जारी की जाने वाली नई परीक्षा तिथि पर टिकी हुई हैं।
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